PMAY-G निगरानी और फंड मैनेजमेंट
निगरानी, पारदर्शिता और फंड ट्रांसफर
जानें कि PMAY-G में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है और पैसा सीधे लाभार्थियों तक कैसे पहुंचता है।
पारदर्शिता की मिसाल: PMAY-G की सूचना, निगरानी और सामाजिक लेखा-परीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) की सफलता का एक बड़ा कारण इसकी पारदर्शी और मजबूत निगरानी प्रणाली है। सरकार यह सुनिश्चित करती है कि योजना का हर पहलू जनता के सामने हो और हर पैसे का हिसाब रखा जाए।
सूचना और जागरूकता
सभी लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत कार्यालय में स्थायी रूप से प्रदर्शित की जाती है। इसके अलावा, हर गांव में एक ‘लोगो’ और ‘ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण’ का प्रमाण पत्र लगाया जाता है।
सामाजिक लेखा-परीक्षा (Social Audit)
ग्राम सभा द्वारा योजना का सामाजिक अंकेक्षण किया जाता है, जिसमें यह देखा जाता है कि योजना सही तरीके से लागू हो रही है या नहीं।
मजबूत निगरानी तंत्र
योजना की निगरानी के लिए MIS-AwaasSoft, AwaasApp, और जियो-टैगिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
PMAY-G में पैसा कैसे मिलता है? जानें फंड मैनेजमेंट, रिलीज और किश्तों की पूरी प्रक्रिया
PMAY-G के तहत घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है और इसमें किसी भी तरह के भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है।
फंड फ्लो की प्रक्रिया
केंद्र सरकार से पैसा राज्य के खजाने में जाता है और फिर PFMS प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
भुगतान की किश्तें
वित्तीय सहायता का भुगतान घर के निर्माण की प्रगति के आधार पर 3-4 किश्तों में किया जाता है:
- पहली किश्त: घर की स्वीकृति के तुरंत बाद।
- दूसरी किश्त: लिंटेल (चौखट) स्तर तक निर्माण पूरा होने पर।
- तीसरी किश्त: छत का निर्माण पूरा होने पर (वैकल्पिक, यदि राज्य चाहे)।
यह चरण-दर-चरण भुगतान सुनिश्चित करता है कि लाभार्थी निर्माण कार्य को समय पर पूरा करे और पैसे का सही उपयोग हो।