PMAY-G: ग्रामीण आवास का ऐतिहासिक सफर

भारत में ग्रामीण आवास का सफर | PMAY-G Info

भारत में ग्रामीण आवास का सफर

इंदिरा आवास योजना (IAY) से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) तक की विकास यात्रा।

ऐतिहासिक सफर के प्रमुख पड़ाव

1957

ग्राम आवास कार्यक्रम (VHP)

सामुदायिक विकास आंदोलन के तहत शुरू हुई इस योजना में लोगों को घर बनाने के लिए ₹5,000 तक का ऋण दिया जाता था।

1969-74

आवास स्थल-सह-निर्माण सहायता योजना

चौथी पंचवर्षीय योजना के दौरान भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए ज़मीन और निर्माण सहायता देने हेतु शुरू किया गया।

1983

ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम (RLEGP)

इस कार्यक्रम के तहत SC/ST और बंधुआ मजदूरों के लिए मकान बनाने की अनुमति दी गई, जिससे IAY की नींव पड़ी।

1985

इंदिरा आवास योजना (IAY) का प्रारंभ

जून 1985 में IAY को RLEGP की एक उप-योजना के रूप में औपचारिक रूप से शुरू किया गया।

1989

जवाहर रोज़गार योजना में समावेशन

IAY को जवाहर रोज़गार योजना (JRY) का हिस्सा बनाया गया और इसके तहत आवंटित निधि को भी बढ़ाया गया।

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IAY की सीमाएं और PMAY-G की आवश्यकता क्यों पड़ी?

इंदिरा आवास योजना ने दशकों तक ग्रामीण भारत में आवास की ज़रूरतों को पूरा किया, लेकिन समय के साथ इसमें पारदर्शिता की कमी, खराब गुणवत्ता वाले मकानों का निर्माण और लाभार्थियों के चयन में कमियों जैसी कई गंभीर समस्याएं सामने आने लगीं। इन्हीं कमियों को दूर करने और “2022 तक सबके लिए आवास” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, 1 अप्रैल 2016 से इंदिरा आवास योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के रूप में पुनर्गठित किया गया।

PMAY-G की विस्तृत जानकारी

PMAY-G योजना के हर पहलू को विस्तार से समझने के लिए नीचे दिए गए विषयों का अन्वेषण करें।

वित्तीय प्रबंधन और लाभार्थी चयन

समझें कि योजना का बजट कैसे निर्धारित होता है और लाभार्थियों का चयन किस पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाता है।

निर्माण प्रक्रिया और लाभार्थी सहायता

घर बनाने के विभिन्न चरणों, मिलने वाली वित्तीय सहायता और सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य सहयोगी सेवाओं के बारे में जानें।

कार्यान्वयन और योजनाओं का तालमेल

जानें कि यह योजना जमीनी स्तर पर कैसे लागू होती है और अन्य सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर कैसे काम करती है।

निगरानी और फंड मैनेजमेंट

योजना में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है और पैसा सीधे लाभार्थी तक कैसे पहुँचता है, इसकी पूरी प्रक्रिया को समझें।

विशेष परियोजनाएं और शिकायत निपटान

जानें कि आपदा जैसी विशेष परिस्थितियों में सरकार कैसे मदद करती है और आप योजना से जुड़ी शिकायतें कहाँ दर्ज करा सकते हैं।

ई-शासन और पात्रता के नियम

टेक्नोलॉजी की भूमिका और योजना के लिए पात्र होने या न होने के सभी विस्तृत नियमों की जानकारी प्राप्त करें।

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