PMAY-G ई-शासन और पात्रता के नियम
ई-शासन और पात्रता के नियम
समझें कि टेक्नोलॉजी PMAY-G को कैसे सफल बनाती है और इस योजना के लिए कौन पात्र है।
टेक्नोलॉजी से आई क्रांति: PMAY-G में ई-शासन (AwaasSoft और AwaasApp)
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) की सफलता के पीछे टेक्नोलॉजी का बहुत बड़ा हाथ है। योजना को पारदर्शी, कुशल और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए दो शक्तिशाली डिजिटल टूल का उपयोग किया जाता है: AwaasSoft और AwaasApp।
AwaasSoft: योजना का डिजिटल दिल
यह एक वेब-आधारित MIS (Management Information System) प्लेटफॉर्म है जो योजना के हर पहलू को मैनेज करता है – लाभार्थी के चयन से लेकर किश्तों के भुगतान तक।
AwaasApp: निगरानी आपकी उंगलियों पर
यह एक मोबाइल एप्लिकेशन है जिसका उपयोग लाभार्थी और सरकारी अधिकारी दोनों करते हैं। इसके जरिए निर्माण की प्रगति की जियो-टैग की हुई तस्वीरें अपलोड की जाती हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि काम वास्तव में हो रहा है।
क्या आप PMAY-G के लिए पात्र हैं? जानें पात्रता के ‘बहिर्वेशन’ और ‘अंतर्वेशन’ के सभी नियम
PMAY-G का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलता है जो वास्तव में जरूरतमंद हैं। इसके लिए सरकार ने पात्रता के कुछ स्पष्ट नियम बनाए हैं, जो सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के आंकड़ों पर आधारित हैं। इन नियमों को दो भागों में बांटा गया है: ‘स्वतः बहिर्वेशन’ (Automatic Exclusion) और ‘स्वतः अंतर्वेशन’ (Automatic Inclusion)।
1. स्वतः बहिर्वेशन (Automatic Exclusion) – कौन पात्र नहीं है?
यदि किसी ग्रामीण परिवार के पास निम्नलिखित में से कोई भी एक चीज है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा:
- मोटर युक्त वाहन (दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया)
- मशीनीकृत कृषि उपकरण (ट्रैक्टर, हार्वेस्टर)
- किसान क्रेडिट कार्ड जिसकी सीमा ₹50,000 या उससे अधिक हो
- कोई सदस्य जो सरकारी कर्मचारी हो
- परिवार का कोई सदस्य जो ₹10,000 प्रति माह से अधिक कमाता हो
2. स्वतः अंतर्वेशन (Automatic Inclusion) – किसे प्राथमिकता मिलती है?
SECC 2011 के आंकड़ों के आधार पर, जिन परिवारों के पास आश्रय नहीं है, उन्हें सूची में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
इन स्पष्ट नियमों के कारण, PMAY-G यह सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ सही और सबसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।