PMAY-G: कार्यान्वयन और समन्वय
कार्यान्वयन एजेंसियां और योजनाओं का समन्वय
जानें कि PMAY-G को कौन लागू करता है और यह अन्य सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर कैसे काम करती है।
PMAY-G को ज़मीन पर कौन उतारता है?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) एक विशाल योजना है जिसे सफलतापूर्वक लागू करने के लिए केंद्र से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक एक मजबूत संस्थागत ढांचे की आवश्यकता होती है। आइए जानें कि इस योजना के कार्यान्वयन में कौन-कौन सी एजेंसियां और अधिकारी शामिल हैं।
कार्यान्वयन की त्रि-स्तरीय संरचना
- राष्ट्रीय स्तर: ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार, योजना के निर्माण, नीति-निर्धारण, निगरानी और राज्यों को फंड जारी करने के लिए जिम्मेदार है।
- राज्य स्तर: राज्य स्तर पर, ‘राज्य नोडल विभाग/एजेंसी’ (जैसे ग्रामीण विकास विभाग) योजना के समग्र कार्यान्वयन और निगरानी के लिए जिम्मेदार है।
- जिला और ब्लॉक स्तर: जिला स्तर पर ‘जिला ग्रामीण विकास एजेंसी’ (DRDA) और ब्लॉक स्तर पर ‘ब्लॉक पंचायत’ योजना को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने का काम करती हैं।
- ग्राम पंचायत स्तर: ग्राम पंचायत लाभार्थियों की पहचान, ग्राम सभा का आयोजन और निर्माण कार्यों की जमीनी स्तर पर निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
एक घर, अनेक सुविधाएं: PMAY-G का अन्य सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय
PMAY-G का लक्ष्य सिर्फ एक पक्का घर बनाना नहीं, बल्कि लाभार्थी को एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है। इसके लिए, PMAY-G को कई अन्य सरकारी योजनाओं के साथ जोड़ा गया है।
किन-किन योजनाओं से मिलता है लाभ?
- स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G): हर घर में शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की सहायता।
- महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA): घर निर्माण के लिए 90/95 दिनों की मजदूरी।
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: मुफ्त LPG गैस कनेक्शन।
- सौभाग्य योजना: मुफ्त बिजली कनेक्शन।
- राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम: स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति।
इस समन्वय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब एक गरीब परिवार अपने नए पक्के घर में प्रवेश करे, तो उसे बिजली, पानी, गैस और शौचालय जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भटकना न पड़े।